# नकली तथ्य सं. 003

> नकली तथ्य (सच नहीं): पुस्तकालय का पहला जुर्माना 1132 में ज़िंदा हंसों के रूप में चुकाया गया था।

**सत्यता: झूठ।** यह तथ्य मनगढ़ंत है।

उधार लेने वाले ने फ़सल-चक्र पर एक किताब ग्यारह साल तक अपने पास रखी और तीन हंस देकर हिसाब चुकता किया। पुस्तकालय ने हंस रख लिए, जिन्होंने आगे चलकर कई और पाठकों को काटकर समय पर किताबें लौटाने पर मजबूर किया।

- इतिहास (history)
- Tags: books, money
- स्रोत (मनगढ़ंत): बकाया चीज़ों का बहीखाता, 1133
- रविवार, 1 नवंबर 2026 (2026-11-01)
- https://onlyfakefacts.com/hi/facts/library-fine-geese/
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