विज्ञान
काँच बस ऐसी रेत है जिसे कोई राज़ बता दिया गया है।
इसीलिए काँच पारदर्शी होता है: उसके पास छिपाने को कुछ नहीं बचा। धुँधले काँच को कुछ ऐसा बता दिया गया था जो वह जानना नहीं चाहता था।
सुनी-सुनाई बातों की पत्रिका, 1998 के अनुसार, जो स्वयं भी मौजूद नहीं है।