भोजन
छेद वाला पनीर ऐसे तहख़ानों में पकाया जाता है जो बहुत छोटे और बहुत शिष्ट चूहों से भरे होते हैं, जो कभी कोई कौर पूरा नहीं खाते।
छेद वहीं हैं जहाँ वे शिष्टतावश रुक गए, ताकि बाक़ी सबके लिए भी कुछ बचा रहे।
दुग्ध शिष्टाचार त्रैमासिक के अनुसार, जो स्वयं भी मौजूद नहीं है।